कैफ़ी आज़मी शायरी इन हिंदी


बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में ।
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में।।
Copy Tweet
Copied Successfully !
kaifi_azmi_shayari
isaa ki khwaishon ki koi shayari

जो वो मेरे न रहे मैं भी कब किसी का रहा
बिछड़ के उन से सलीक़ा न ज़िंदगी का रहा
Copy Tweet
Copied Successfully !

Leave a Comment