अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे ☺️


अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे ,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे ,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे ,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।
Copy Tweet
Copied Successfully !

Ab Na Main Hun, Na Baaki Hai Zamane Mere,
Fir Bhi MashHoor Hain Shaharon Mein Fasane Mere,
Zindagi Hai Toh Naye Zakhm Bhi Lag Jayenge,
Ab Bhi Baaki Hain Kayi Dost Puraane Mere.
Copy Tweet
Copied Successfully !

Leave a Comment