अभी कमसिन हैं जिदें भी हैं निराली उनकी


अभी कमसिन हैं जिदें भी हैं निराली उनकी,
इस पे मचले हैं हम दर्द-ए-जिगर देखेंगे।
Copy Tweet
Copied Successfully !

Abhi Kamsin Hain Zidein Bhi Hain Nirali Unki,
Iss Pe Machle Hain Hum Dard-e-Jigar Dekhenge.
Copy Tweet
Copied Successfully !

Leave a Comment