Intezaar Shayari - इंतज़ार शायरी

तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं 😟

Tere Intejar Me Kab Se Udaas Bethe Hain,
Tere Deedar Me Aankhe Bichaaye Bethe Hain,
Tu Ek Najar Hum Ko Dekh Le Bas,
Es Aas Me Kab Se Bekarar Bethe Hain.

तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं,
तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं,
तू एक नज़र हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।

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