Ghalib Shayari - ग़ालिब शायरी

फूल खिलते हैं बहारों का समा होता है 🌹

Phool khilte hain baharon ka sama hota hai,
Aise Mausam main to pyar javaan hota hai,
Dil ki batoon ko to honton se nahin kehe,
Yeh afsana to nigahon se bayan hota hai..

फूल खिलते हैं बहारों का समा होता है,
ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है,
दिल की बातों को होठों से नहीं कहते,
ये फ़साना तो निगाहों से बयाँ होता है।

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