इस लफ़्ज़े-मोहब्बत का इतना सा फसाना है 🙂


इस लफ़्ज़े-मोहब्बत का इतना सा फसाना है,
सिमटे तो दिले-आशिक़ फैले तो ज़माना है,
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना तो समझ लीजे,
एक आग का दरिया है और डूब के जाना है।
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Iss Lafze-Mohabbat Ka Itna Sa Fasaana Hai,
Simte To Dile-Aashiq Faile Toh Zamana Hai,
Yeh Ishq Nahi Aasaan Itna Toh Samajh Leeje,
Ek Aag Ka Dariya Hai Aur Doob Ke Jaana Hai.
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